महर्षि दधीचि जयंती पखवाड़े में संस्कार, पर्यावरण और देशभक्ति का संदेश

भीलवाड़ा समाचार 
भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)। महर्षि दधीचि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जयंती पखवाड़े के तहत जिला दाधीच मंडल एवं युवा दाधीच प्रकोष्ठ की ओर से विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का संदेश दिया गया।

जिला दाधीच मंडल अध्यक्ष राजमल जोशी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत पेच के बालाजी के मुख्य महंत आशुतोष शर्मा ने महर्षि दधीचि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद दधीचि उद्यान में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। समाजजनों ने पौधों की देखभाल और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया।

इसके बाद दधीचि आश्रम में भगवान दाधीचेश्वर भोलेनाथ का विधिवत अभिषेक एवं विशेष शृंगार किया गया। पंडित नरेंद्र दाधीच एवं राहुल अंकित ने धार्मिक विधि-विधान से अभिषेक संपन्न कराया। इस दौरान भगवान से समाज एवं सभी लोगों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की गई।

नन्हे कवियों ने कविता से दिया संदेश

जयंती पखवाड़े के तहत दधीचि आश्रम में बालक-बालिकाओं के लिए कविता प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। युवा प्रकोष्ठ के सीपी शर्मा ने बताया कि 3 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रकृति, पर्यावरण एवं देशभक्ति विषय पर कविता प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्हे प्रतिभागियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, पेड़-पौधों के महत्व और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

वहीं 11 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने देशभक्ति विषय पर कविताएं प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम में जिला दाधीच मंडल महामंत्री सत्यदेव त्रिपाठी, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुश आचार्य, राजेश तिवारी, डॉ. राजश्री रतावा, अर्पिता दाधीच, आशा दाधीच, हरिप्रकाश कंठ, लोकेश भट्ट, अमित व्यास, आदित्य, आदित्य ओझा, वीरेंद्र शर्मा, नीरज दाधीच, रोहित दाधीच, राकेश दाधीच, अक्षय कंठ, लव आचार्य, नारायण दाधीच, जितेंद्र दाधीच, रवि त्रिपाठी, अनिल, जगदीश चंद्र, सीपी शर्मा, विक्रम दाधीच, ओम मिश्रा, कैलाश दाधीच, विधि प्रकोष्ठ से जगदीश भगवानपुरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से महर्षि दधीचि के त्याग, संस्कार और समाजहित के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।